भारती कॉलेज में युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा और संवाद का सशक्त मंच साबित हुआ जर्नोत्सव 26

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दिल्ली विश्वविद्यालय के भारती कॉलेज के पत्रकारिता विभाग द्वारा 18 और 19 फरवरी को दो दिवसीय जर्नोत्सव का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर सलोनी गुप्ता के नेतृत्व में पत्रकारिता विभाग के शिक्षकों और छात्राओं के सहयोग से हुआ।

पहले दिन के सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ टीवी पत्रकार सुमित अवस्थी जी रहे, उन्होंने समकालीन मीडिया में अभिव्यक्ति और सहभागिता” विषय पर अपने विचार रखे। वक्तव्य में उन्होंने डिजिटल मीडिया के तेज़ी से बदलते परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए अनुकूलन क्षमता, जिम्मेदार अभिव्यक्ति, फेक न्यूज़ से सावधानी और एआई के नैतिक उपयोग पर बल दिया। इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि “सिस्टम की कमियां बताना देश की कमियां बताना नहीं होता है, तथा भारत जैसे विशाल देश में सभी को विविधताओं का सम्मान करने का संदेश भी दिया।

इसके बाद, सार्वजनिक विमर्श की संरचना: मीडिया किस प्रकार राष्ट्रीय दृष्टिकोणों को आकार देता है” विषय पर पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। पैनल चर्चा में मुख्य अतिथि आर्चना तिवारी (टेड स्पीकर एवं सह-संस्थापक, राजधर्म), आशीष दुबे (एंकर, एबीपी न्यूज़), दिलनवाज़ पाशा (रिपोर्टर, बीबीसी न्यूज़) और पंकज मिश्रा (संपादक, वनइंडिया न्यूज़) रहे। सत्र का संचालन पत्रकार विभाग की अध्यक्षा जांसी और विभाग संपादक अनन्या कुमार द्वारा किया गया।

इसके अलावा जर्नोत्सव में, साहित्य प्रेमी मंडल के सहयोग से आयोजित कवि सम्मेलन में डॉ. प्रवीन शुक्ला, पी.के. आज़ाद, युधवीर सिंह सूद, संदीप सोनी, धर्मवीर धर्म और कृति चौबे ने अपनी प्रभावशाली कविताओं से समां बांधा। जिसमें नारीत्व के मनोभाव को मुख्य रूप से केंद्रित रखा गया। श्रोताओं ने उनकी रचनाओं पर जोरदार तालियों के साथ उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया दी और पूरे सभागार में साहित्यिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण निर्मित हो गया। कार्यक्रम का समापन मीडिया मंथन भारती इकाई के सहयोग से आयोजित स्वरूप बैंड की ऊर्जावान प्रस्तुति के साथ हुआ, इस प्रस्तुति का आयोजन महाराजा छत्रपति शिवाजी जयंती के उपलक्ष्य में किया गया था। बैंड की खूबसूरत प्रस्तुति ने जर्नोत्सव को यादगार बना दिया।

इतना ही नहीं लगातार दूसरे दिन भी भारती कॉलेज में अधिक संख्या में भीड़ उमड़ी, दूसरे दिन के सत्र की शुरुआत न्यूज़ पिंच के संस्थापक अभिनव पाण्डेय द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर की गई। इस विशेष सत्र का विषय “सोशल मीडिया और ऑन फील्ड रिपोर्टिंग के बीच बदलता रिश्ता” रहा। अभिनव पाण्डेय ने अपने वक्तव्य में जमीनी पत्रकारिता के महत्व और सरकार व सिस्टम से ऊपर उठकर जनता का पक्ष दिखाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने स्त्रियों का शक्ति स्वरूप बताते हुए कहा कि “लड़कियां अगर ठान ले तो वो कुछ भी कर सकती हैं”। आगे उन्होंने कहा कि इस पितृसत्तात्मक समाज से लड़ते हुए, प्रत्येक नारी को समाज में अपनी जगह बनाने की बहुत आवश्यकता है। अभिनव ने आगे अपने संबोधन में पत्रकार की जिम्मेदारियों और निष्पक्षता पर प्रकाश डालते हुए यह भी कहा कि भविष्य के पत्रकारों को किताबों के साथ साथ तकनीकी ज्ञान और कौशल को सीखने पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि अब यही भविष्य की मांग होने वाली है।

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